all top health tips
all top health tips
Pages
Home
all free pdf top books
earn money
all top gk
latest computer gk
Search This Blog
Showing posts with label
SEXUAL DEBILITY
.
Show all posts
Showing posts with label
SEXUAL DEBILITY
.
Show all posts
वीर्य की कमी ,SEXUAL DEBILITY,
वीर्य की कमी
27. कसेरू
:
कसेरू
के छिलके को हटाकर रस निकालें और दूध, मिश्री के साथ रोज पीने से वीर्य की वृद्धि होती है।
28. सोंठ
:
सोंठ को गर्म पानी में उबालकर काढ़ा बना लें। उसमें थोड़ी
हल्दी
और गुड़ को डालकर पीने से धातु (वीर्य) की कमजोरी दूर होती है।
29. लाजवन्ती
:
लाजवन्ती
के बीजों का चूर्णकर के दूध के साथ खाने से लाभ होता है।
30. धनिया
:
धनिया
का चूर्ण बनाकर
ईसबगोल
की भूसी और मिश्री मिलाकर गर्म दूध के साथ खाने से स्वप्नदोष, कब्जियत और शीघ्रपतन दूर होता है।
31. सफेद मूसली
:
सफेद मूसली
और शक्कर बराबर मिलाकर चूर्ण कर लें और रोज सवेरे गाय के दूध के साथ खाने से लाभ मिलता है।
32. गाजर
:
गाजर
का रस शहद के साथ लेने से वीर्य गाढ़ा होता है और नपुंसकता (नामर्दी) दूर होती है।
33. लहसुन
:
रोज रात में 1-2 कली लहसुन जरूर खायें या लहसुन का रस शहद के साथ खायें इससे धातु (वीर्य) की कमजोरी, शीघ्रपतन और नपुंसकता दूर होती है।
34. बबूल :
बबूल का पत्ता चबाकर गाय का दूध पीने से कुछ की दिनों में गर्मी के रोग में लाभ होता है।
बबूल के कच्ची फलियों के रस को दूध और मिश्री में मिलाकर खाने से लाभ होता है।
35. रीठा
:
रीठे
की गिरी को पीसकर बराबर मात्रा में गुड़ मिलाकर एक चम्मच की मात्रा सुबह-शाम एक कप दूध के साथ सेवन करने से वीर्य बढ़ता है।
36. मूसलीकन्द
:
3 से 6 ग्राम
मूसलीकन्द
के चूर्ण, मिश्री को मिलाकर धातु की कमी के रोग में सेवन करने से लाभ होता है।
37. गेंदा
:
एक चम्मच
गेंदे
के बीजों और इतनी ही मात्रा में मिश्री को मिलाकर एक कप दूध के साथ सुबह-शाम नियमित सेवन करने से वीर्य स्तम्भन की शक्ति बढ़ती है।
38. गन्ना
:
गुड़ को आंवलों के 2-4 ग्राम चूर्ण के साथ सेवन करने से वीर्यवृद्धि, श्रमनाश, तृप्ति, रक्तपित्त, दाह, शूल और मूत्रकृच्छ आदि रोग नष्ट होता है।
38. इमली :
इमली
को पानी में कुछ दिन भिगोकर छिलका उतार दें। छिलके निकले बीजों को सुखाकर बारीक पीस लें। एक चम्मच की मात्रा में दिन में 3 बार दूध के साथ सेवन करने से वीर्य का पतलापन दूर होता है।
इमली के बीजों को भूनकर छिलका उतारकर चूर्ण बनाकर, बराबर की मात्रा में मिश्री मिलाकर 15 दिनों तक रोजाना सेवन करने से वीर्य का पतलापन,
मूत्रकृच्छ
तथा मूत्रदाह (पेशाब में जलन) दूर होती है।
39. सफेद पेठा
:
पेठे
की मिठाई और सब्जी खाने से वीर्य बढ़ता है। इसके अलावा यह औरतों के
श्वेतप्रदर
को बन्द करता है और
मोटापे
को भी कम करता है।
40. कैथ
:
कैथ
के पेड़ की कोंपलों का चूर्ण दूध में मिलाकर शक्कर के साथ लेने से वीर्य में वृद्धि होती है।
41. खस (पोस्त के दाना) :
खस
की जड़,
तालमखाना
और
सफेद चंदन
का चूर्ण बराबर की मात्रा में मिलाकर 1-1 चम्मच एक कप दूध के साथ सुबह-शाम रोज 4 से 6 हफ्ते खाने से धातु की कमी दूर होती है।
42. ब्राह्मी
:
वीर्य दोष में 15
ब्राह्मी
के पत्तों को दिन में 3 बार सेवन कर सकते हैं।
Older Posts
Home
Popular Posts
Enlargement of the penis, ling me varidhi,लिंग में वृद्धि
Why Trainers Believe That Barbell Hip Thrusts Are Key for Your Glutes Workouts
वीर्य की कमी ,SEXUAL DEBILITY,
शीघ्रपतन EARLY EJACULATION
योनि स्त्री जननांग) को छोटी करना ,yoni ko choti karna
(आग से जलना) aag se jalna
पैरों की अंगुलियां गलना pair ki ungaliya galna
याद्दाश्त का कमजोर होना
स्तनों की सौंदर्यता के लिए, satan ki sundarta
कनफेड kanfoda