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पथरी ,STONE IN BLADDER

पथरी


           पथरी रोग मूत्र संस्थान से सम्बंधित रोग होता है। पेशाब के साथ निकलने वाले क्षारीय तत्व जब शरीर में किसी कमी के कारण पेशाब की नली, गुर्दे या मूत्राशय में रुक जाते हैं तो हवा के कारण यह छोटे-छोटे पत्थर आदि का रूप ले लेते हैं। पथरी छोटे-छोटे रेत के कणों से बढ़कर धीरे-धीरे बड़ी होती जाती है। यह खुरदरी, चिकनी, सख्त, गोल आदि आकारों में पाई जाती है।परिचय :

लक्षण :

कारण :

          जिस समय वायु मूत्राशय में आये हुए शुक्र के साथ पेशाब एवं पित्त के साथ कफ को सुखाती है तब शरीर में पथरी पैदा होती है। पथरी होने पर रोगी के पेड़ू में दर्द होता है और उसका पेशाब भी बन्द हो जाता है। पथरी रोग चार प्रकार का होता है- वातज, पित्तज, कफज तथा शुक्रज जो लोग संभोगक्रिया के समय वीर्य को निकलने से रोक लेते हैं उन्हे शुक्रज पथरी रोग हो जाता है।

विभिन्न भाषाओं में नाम :


हिन्दी    

     पथरी

अंग्रेजी    

     स्टोन इन ब्लेडर

अरबी     

     पथरी रोग

बंगाली    

     मूत्राश्मरि

गुजराती   

     पथरी

मलयालम 

     कल्लड़प्पू

मराठी    

     मूत्रभेद, मूतकाण्डा

उड़िया    

     पतनूरी

पंजाबी         

     पथरी

तमिल         

     कालड़ी पुन्नोय, अछमरी

तेलगू     

     मूत्रमूल रायी

कन्नड़         

     मूत्रदा काल्ल

भोजन और परहेज :