आर्थराइटिस Arthritis

आर्थराइटिस


        आर्थराइटिस एक प्रकार का रोग है जोकि हडि्डयों में होता है। यह बीमारी इस समय ज्यादा फैल रही है और ज्यादा पाई जाती है। खानपान की गलत आदतों, जीवनशैली, दबाव व तनाव का जोड़ों पर प्रभाव पड़ता है, जिसके कारण व्यक्ति कई तरह की आर्थराइटिस का शिकार हो बैठता है।परिचय
:

            जरूरत से ज्यादा मात्रा में प्रोटीन का सेवन करना अच्छा नहीं है, क्योंकि इससे शरीर में अधिक मात्रा नाइट्रोजन तत्व एकत्रित हो जाता है जिसकी वजह से मांसपेशियों में थकावट आ जाती है और रक्त में यूरिया की मात्रा और यूरिक अम्ल का स्तर बढ़ जाता हैं। साथ ही रक्त में अतिरिक्त प्रोटीन से लाल रक्त कोशिकायें चिपचिपी हो जाती हैं जिसके कारण जोड़ों में सूजन होने लगती है और रक्त में इ.एस.आर. का स्तर बढ़ जाता है।
2. रूमेटाइड आर्थराइटिस: यह रोग शरीर को बेकार कर देने वाला और तेजी से बढ़ने वाला रोग है तथा जोड़ों को नुकसान पहुंचाने वाला होता है। रूमेटाइड के ज्यादा मरीज 20 से 40 साल के होते हैं। इस रोग के होने पर विशेष रूप से छोटे जोड़ों यानी उंगलियों, कलाइयों, कुहनियों, घुटनों और टखनों में दर्द होने लगता है और यह अकड़ जाते हैं। अर्थराइटिस से काफी समय तक प्रभावित रहने वाले रोगियों के हाथ-पैरों में विकृतियां पैदा हो जाती हैं और इसके कारण उनके कामकाज और चलने-फिरने पर असर पड़ता है।
3. गाउटी आर्थराइटिस: गाउटी आर्थराइटिस के रोगियों का स्वास्थ्य अच्छा होता है लेकिन समय-समय पर इस रोग की वजह से पंजों में काफी दर्द में हो जाती है और यह इतना ज्यादा होता है कि हलके से छू देने भर से रोगी अपना पंजा एक ओर को हटाने लगता है। गाउटी आर्थराइटिस के ज्यादा रोगियों को इस दर्द के दौरे पहले वर्ष में बीच में कई बार और उसके बाद कभी-कभार पड़ते हैं।
5. आर्थराइटिस के रोगी को ज्यादा से ज्यादा फलों, सब्जियों और सलाद का सेवन करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए, जिससे रक्त की क्षारिता में ही वृद्धि नहीं होती बल्कि इन चीजों में पोटैशियम भी काफी होता है, जो एक ऐसा खनिज पदार्थ है जिससे ज्यादा मात्रा में नमक सेवन करने के कारण शरीर में जमा हो जाने वाले द्रवों को बाहर निकालने में भी मदद मिलती है।