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पेशाब का रंग काला और हरा होना peshab ka kala ya hara hona
पेशाब का रंग काला और हरा होना
(Black or Green Colured Urine)
जिस प्रकार
गुर्दे की खराबी
की वजह से पेशाब में खून आता है उसी प्रकार गुर्दे की खराबी से पेशाब का रंग काला या हरा हो जाता है। गुर्दे के ठीक होने से पेशाब का रंग फिर साफ हो जाता है। अगर पेशाब का रंग काला हो तो उसका कारण
गुर्दे में सूजन
हो सकती है।
परिचय :
चिकित्सा:
1. तुलसी:
थोड़े से
तुलसी
के पत्तों को पीसकर मिश्री के शर्बत में मिलाकर रोजाना 3 से 4 बार पीने से पेशाब साफ और खुलकर आता है।
2. अनन्तमूल:
अगर पेशाब का रंग बदलने के साथ-साथ गुर्दे में भी सूजन आ रही हो तो 50 से 100
मिलीलीटर
अनन्तमूल
की फांट या घोल को गुरुच और जीरे के साथ सेवन करने से लाभ होता है।
3. चन्दन:
5 से 10 बूंद
चन्दन
के तेल की बताशे पर डालकर रोजाना 2 से 3 बार रोगी को देने से गुर्दे की सूजन मे आराम आता है और पेशाब का रंग साफ होता है।
4. सिनुआर:
10 से 20
मिलीलीटर
सिनुआर के पत्तों का रस सुबह और शाम रोगी को पिलाने से गुर्दे की सूजन दूर हो जाती है। इसके साथ ही सिनुआर,
करंज
, धतूरा और नीम के पत्तों को पीसकर गुर्दे के ऊपर (नाभि से उल्टी ओर) लगाना भी लाभकारी होता है।
5. त्रिफला:
3 से 5 ग्राम
त्रिफला
का चूर्ण सुबह और शाम गर्म पानी के साथ रोगी को खिलाने से या 6 ग्राम
जवाखार
के साथ ताजे पानी में मिलाकर पिलाने से आराम आता है।
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